सतलुज-यमुना लिंक नहर से पानी बंटवारे के विवाद पर सुप्रीम कोर्ट आज फैसला सुनाएगी, केंद्र ने कहा कि वह किसी का पक्ष नहीं ले रहा और इस विषय में एक तटस्थ रूख रखे हुए है जिसमें न्यायालय ने अन्य राज्यों राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली और जम्मू-कश्मीर का रुख दर्ज किया है.न्यायमूर्ति एआर दवे की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय एक संविधान पीठ ने 12 मई को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. दरअसल, केंद्र ने 2004 के अपने रुख को कायम रखा था जिसके तहत संबद्ध राज्यों को खुद से इस विषय पर अपने विवादों को सुलझाना चाहिए. न्यायमूर्ति दवे 18 नवंबर को सेवानिवृत्त हो रहे हैं. दिल्ली सरकार ने कोर्ट में नया हलफनामा दायर करते हुए कहा कि उसके हिस्से के पानी को सुरक्षित किया जाए. दिल्ली ने यह भी कहा कि यह दो राज्यों के बीच का मामला है, ऐसे में वह कुछ नहीं कहना चाहती
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