पश्चिम बंगाल के राज्य सचिवालय नबन्ना के पास स्थित टोल प्लाजा से सैन्य कर्मियों को गुरुवार (1 दिसंबर) की देर रात को हटा लिया गया जैसी मांग मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने की थी। पत्रकार दूसरे हुगली पुल के टोल प्लाजा पर गए और पाया कि सैन्यकर्मी वहां पर नहीं हैं। सैन्यकर्मियों के लिए बनाये गए एक अस्थायी शेड को भी हटा दिया गया है। सैन्यकर्मियों को हटाने के बारे में सेना की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी यद्यपि अभी भी नबन्ना में ही हैं जिन्होंने टोल प्लाजा से सैन्यकर्मियों के हटने तक कार्यालय छोड़ने से इनकार कर दिया था। गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया था कि उसने राज्य सरकार को सूचित किए बगैर कुछ टोल प्लाजा पर सेना की तैनाती कर दी है। ममता ने कहा था, ‘ वे (सेना) क्यों यहां खड़े हैं। पुलिस आयुक्त ने उन्हें जाने को कहा, लेकिन वे अब भी यहां खड़े हैं। मैं पूरी स्थिति को करीब से देख रही हूं। मैं अपने लोगों की संरक्षक हूं और जब तक सेना यहां खड़ी है, मैं सचिवालय से नहीं जा सकती।’’ उन्होंने आगे कहा, ‘ यह सचिवालय एक संवेदनशील क्षेत्र है और टोल प्लाजा एक संवेदनशील जगह है। यहां सेना क्यों है? वे जो भी कारण दे रहे हैं, वह सही नहीं है। वे झूठ बोल रहे हैं। वे समय समय पर अपने कारण बदल रहे हैं। गृह मंत्रालय के पास विभिन्न राज्यों में चल रहे वाहनों के संपूर्ण आंकड़े हैं।’’
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