हंगामे की भेंट चढ़ा शीतकालीन सत्र, संसद के दोनों सदन अनिश्चित काल के लिए स्थगित
(India)
नोटबंदी के मुद्दे पर संसद के शीतकालीन सत्र के लगभग पूरी तरह हंगामे की भेंट चढ़ गया। राज्यसभा के बाद लोकसभा भी अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया गया। इस बीच लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने कहा कि सत्र के दौरान लोकसभा में 21 बैठकों में मात्र 19 घंटे कार्यवाही हुई। उन्होंने बताया कि व्यवधान के कारण 91 घंटे 59 का समय नष्ट हुआ है जो अच्छी बात नहीं है और इससे जनता में हमारी छवि धूमिल होती है। लोकसभा की कार्यवाही को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने की घोषणा करने से पहले लोकसभा अध्यक्ष ने कहा, मुझे आशा है कि आगामी सत्रों में कोई व्यवधान नहीं होगा और हम सभी बेहतर ढंग से कार्य करेंगे जिसके परिणामस्वरूप सार्थक चर्चाएं एवं सकारात्मक विचार विमर्श होंगे। मुझे सभा के सभी वर्गों के नेताओं और सदस्यों से समर्थन मिलने का विश्वास है। सुमित्रा महाजन ने कहा कि इस सत्र के दौरान सभा की 21 बैठकें हुई जो 19 घंटे चली। सत्र में व्यवधान के चलते बाध्य होकर सभा स्थगित किये जाने के कारण 91 घंटे और 59 मिनट का समय नष्ट हुआ जो हम सभी विशेष तौर पर मेरे लिए अच्छी बात नहीं है। इससे जनता में हमारी छवि धूमिल होती है। अध्यक्ष ने कहा, मैं आशा करती हूं कि आगामी नव वर्ष हमारे जीवन में नई आशा और नई उर्जा का संचार करेगा तथा हम सार्थक रूप से संकल्प लें कि नव वर्ष में हम यह सुविचारित निर्णय लेंगे कि हम सभी उपलब्ध संसदीय माध्यमों का प्रयोग करते हुए अपने मतभेद और असहमति यदि कोई हो, उसे पुरजोर तरीके से दर्ज करायेंगे और यह सुनिश्चित करने का प्रयास करेंगे कि सभा में कम व्यवधान और अधिक चर्चाएं हो। उन्होंने कहा कि इस सत्र में महत्वपूर्ण वित्तीय, विधायी और अन्य कार्यों का निपटान किया गया। सभा में वर्ष 2016-17 के अनुदान की अनुपूरक मांगों के दूसरे बैच और 2013-14 के अतिरिक्त अनुमदान की मांगों पर संयुक्त चर्चा हुई और इसके बाद मांगों पर मतदान हुआ और संबंधित विनियोग विधेयक पारित हुए। सुमित्रा महाजन ने कहा कि इस सत्र के दौरान 9 सरकारी विधेयक पेश किये गए जबकि कर अधिनियम दूसरा संशोधन विधेयक 2016 तथा निशक्त जनों के सशक्तिकरण संबंधी विधेयक 2016 पारित किये गए।
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