सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को अस्पतालों, रेलवे टिकट काउंटरों पर 500 और 1000 के नोटों की मियाद बढ़ाने से इनकार कर दिया है। लेकिन शीर्ष अदालत ने एक बार फिर सरकार से कहा है कि वह सुनिश्चित करे कि लोगों को हर हफ्ते 24000 रुपये मिलें। 8 नवंबर को सरकार द्वारा लागू किए गए नोटबंदी के फैसले को चुनौती देने के लिए 5 जजों की बेंच के आगे पिटिशन फाइल की गई थी। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने सभी अन्य उच्च न्यायालयों में नोटबंदी पर चल रही सुनवाइयों पर स्टे लगा दिया है। शीर्ष अदालत ने कहा है कि सिर्फ वही नोटबंदी मामले में सुनवाई करेगा। सुप्रीम कोर्ट ने अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी की वह दलील स्वीकार कर ली है, जिसमें उन्होंने कहा कि 11 से 14 नवंबर के बीच जिला कोऑपरेटिव बैंकों द्वारा जमा किए गए 8000 करोड़ रुपयों को बदलने की इजाजत होगी। 500 और 1000 के पुराने नोटों को बंद करने की मियाद समय-समय पर बदलती रही थी। लेकिन अब पुराने नोट पूरी तरह बंद हो गए हैं। आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार (14 नवंबर) की देर रात अपने सीनियर मंत्रियों के साथ मीटिंग की थी। प्रधानमंत्री आवास पर हुई उस मीटिंग में गृह मंत्री राजनाथ सिंह, वित्त मंत्री अरुण जेटली, सूचना प्रसारण मंत्री वेंकैया नायडू, ऊर्जा और खनन मंत्री पीयूष गोयल के अलावा वित्त मंत्रालय के बाकी सीनियर लोग मौजूद थे। मीटिंग में कुछ अहम फैसले भी हुए थे। एएनआई से बातचीत करते हुए वित्त मामलों के सचिव शक्तिकांत दास ने कहा कि मीटिंग में पीएम मोदी ने इस बारे में जानकारी ली कि स्टॉक में कितने नए नोट बचे हैं। इसपर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने पीएम को आश्वासन दिया कि पर्याप्त मात्रा में नोट उपलब्ध हैं। इस बारे में शक्तिकांत दास ने बताया कि 500 और 1000 के जो पुराने नोट पहले 14 नवंबर की रात तक मान्य थे वह अब 24 नवंबर की रात तक मान्य कर दिए गए थे। पुराने नोट सरकारी हॉस्पिटल, पेट्रोल पंप पर मान्य होंगे।
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