इसके बाद सुप्रीया को कल्यानी स्थित जवाहरलाल नेहरु मेमोरियल अस्पताल ले जाया गया जहां पर उसे मृत घोषित कर दिया गया। सुप्रीया इस तिरस्कार को बर्दाश्त नहीं कर पाई। उसने इन चुनावों में अपने दिल और आत्मा से मेहनत के साथ कैंपेन में काम किया था। सुप्रीया को पूरा विश्वास था कि वह जरुर जीतेगी लेकिन वह महज 30 वोट से हार गईं। सुप्रीया के पति समीर डे ने बताया कि हार के बाद कुछ लोगों ने सुप्रीया को ताना मारना शुरु कर दिया था, जो वह सह नहीं पा
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