15 सालों से अटकी पड़ी योजना पर कार्य शुरू
(India) केंद्र सरकार ने बीते 15 सालों से अधर में लटके लगभग 46 निर्माणकार्य को तेजी से पूरा कराने के लिए कमर कस ली है। यह प्रॉजेक्ट्स भारत-चीन सीमा पर सड़क निर्माण से जुड़े हैं। सरकार इन्हें जल्द से जल्द पूरा करना चाहती है ताकि जरूरत पड़ने पर सेना और हथियारों को तेजी सले एलएसी पर पहुंचाया जा सके। टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक, केंद्र सरकार ने बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन (बीआरओ) को निर्माण कार्यों को तेजी से पूरा करने के लिए और अधिक प्रशासनिक और वित्तीय शक्तियां दे दी हैं। बता दें बीते 15 सालों में भारत-चीन सीमा (एलएसी) पर बनने वाले 73 प्रॉजेक्ट्स, जिनके तहत 4,643-km लंबी सड़कें बनाई जानी थीं, उनमें से अभी तक सिर्फ 27 (963-km लंबी सड़कें) ही पूरे हो पाए हैं।
इसके अलावा पश्चिमी और पूर्वी मोर्चों पर 14 “स्ट्रेटिजिक रेलवे लाइन्स” का प्रॉजेक्ट भी अधर में लटका है। भारतीय वायु सेना के विमानों के लिए लद्दाख और अरुणाचल प्रदेश में लैंडिंग ग्राउंड बनाने में भारत ने बड़ी कामयाबी हासिल की थी लेकिन सकड़ों के प्रॉजेक्ट्स अधूरे पड़े हैं। वहीं दूसरी तरफ चीन ने तिब्बत क्षेत्र में रेलवे नेटवर्क, हाइवे, मेटल रोड्स, एयर बेस, रडार्स और कई अन्य निमार्णकार्यों को पूरा किया है। एलएसी पर निर्माणकार्यों का अधूरा रहना चिंता का विषय है। खबर के मुताबिक रक्षा मंत्रालय ने रविवार को कहा कि सीमा क्षेत्रों में निर्माण कार्यों के जल्दी पूरा होने की उम्मीद है क्योंकि अब बीआरओ को अधिक शक्तियां दी गई हैं।
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