इसके अलावा पश्चिमी और पूर्वी मोर्चों पर 14 “स्ट्रेटिजिक रेलवे लाइन्स” का प्रॉजेक्ट भी अधर में लटका है। भारतीय वायु सेना के विमानों के लिए लद्दाख और अरुणाचल प्रदेश में लैंडिंग ग्राउंड बनाने में भारत ने बड़ी कामयाबी हासिल की थी लेकिन सकड़ों के प्रॉजेक्ट्स अधूरे पड़े हैं। वहीं दूसरी तरफ चीन ने तिब्बत क्षेत्र में रेलवे नेटवर्क, हाइवे, मेटल रोड्स, एयर बेस, रडार्स और कई अन्य निमार्णकार्यों को पूरा किया है। एलएसी पर निर्माणकार्यों का अधूरा रहना चिंता का विषय है। खबर के मुताबिक रक्षा मंत्रालय ने रविवार को कहा कि सीमा क्षेत्रों में निर्माण कार्यों के जल्दी पूरा होने की उम्मीद है क्योंकि अब बीआरओ को अधिक शक्तियां दी गई हैं।
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