केजरीवाल के मुताबिक, वह ये टेबल एजेंडा लेकर आए तो भारतीय जनता पार्टी के कुछ सदस्यों ने इसका विरोध किया। उनका कहना था की ये छोटे लोग जब पक्के हो जाते हैं तो काम नहीं करते। इस पर केजरीवाल ने कहा कि कई बड़े अधिकारी भी काम नहीं करते, फिर उनको भी कच्चा करो। विरोध के बावजूद केजरीवाल ने एजेंडा पास करवाया।
यहां पर बता दें कि छत्रसाल स्टेडियम में देश के 71वें स्वतंत्रता दिवस समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास और ठेकेदारी प्रथा से मुक्ति की तमाम लुभावनी घोषणाएं की थीं। इसमें ठेकेदारी प्रथा खत्म करना भी था।
इसके साथ ही केजरीवाल ने कौशल विकास के जरिए रोजगार का सपना पूरा करने के लिए एक साल के भीतर 25 कौशल केंद्र खोले जाने की बात कही थी, जिससे एक साल में 25 हजार युवाओं को प्रशिक्षित कर रोजगार के लिए तैयार किया जाएगा।
स्वतंत्रता दिवस के भाषण में केजरीवाल ने मजदूरों को ठेकेदारों से चंगुल से मुक्त करने की दिशा में भी काम करने की घोषणा की थी और राजनीतिक दलों व उपराज्यपाल से इस मामले में राजनीति न करने और किसी भी तरह की अड़चन न डालने की अपील की थी।
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