केंद्रीय बैंक के मुताबिक वित्त वर्ष 2016-17 में 7.62 लाख नकली नोटों का पता चला, जबकि 2015-16 में 6.32 लाख नकली नोट पकड़े गए थे. रिजर्व बैंक ने कहा कि नोटबंदी के बाद नए नोटों की छपाई की लागत दोगुनी होकर 7,965 करोड़ रुपये हो गई, जो 2015-16 में 3,421 करोड़ रुपये थी
बता दें कि नोटबंदी को लेकर संसद की एक समिति ने अपनी ही रिपोर्ट के मसौदे को नए सिरे से तैयार करने पर जोर दिया था. सदस्यों का कहना है कि रिजर्व बैंक ने कई महत्वपूर्ण जानकारियां नहीं दी. यह भी नहीं बताया गया कि बंद किए गए 500 और 1000 रुपये के नोट कितने थे.रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल दो बार समिति के समक्ष उपस्थित हो चुके हैं, लेकिन केंद्रीय बैंक यह नहीं बता पाया कि नोटबंदी के बाद कितने बंद किए गए नोट बैंकों के पास वापस आए हैं.
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