रिजवी ने यह सवाल किया कि कितने मदरसों ने देश में इंजीनियर्स डॉक्टर्स या फिर आईएएस ऑफिसर दिए हैं जबकि हां मैं ऐसा कह सकता हूं कि इसने आतंकी पैदा किए हैं।
उन्होंने मदरसों को आधिकारिक शिक्षा बोर्ड में लाने का सुझाव देते हुए कहा “मदरसे को भी सीबीएसई या फिर आईसीएसई से एफिलिएशन होना चाहिए और उसमें गैर मुस्लिम छात्रों को दाखिले की इजाजत मिलनी चाहिए। साथ ही धार्मिक शिक्षा को वैकल्पिक बनाना चाहिए।”
रिजवी ने कहा कि कई मदरसे आतंकी गतिविधियों को लगातार हवा दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस बारे में पीएम मोदी और सीएम योगी का खत लिखा है। इससे हमारा देश और मजबूत होगा। हालांकि रिज़वी का यह बयान कई मुस्लिम विद्वानों को नहीं भाया। एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने शिया बोर्ड के चेयरमैन को अवसरवादी और उनके बयान को मजाक करार दिया।
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