दरअसल, जज शिवपाल सिंह जालौन के शेखपुर खुर्द गांव के ही रहने वाले हैं। कुछ समय पूर्व जज शिवपाल सिंह यहां के जिला प्रशासन से अपनी कब्जा हुई जमीन को वापस दिलाने के लिए कह रहे थे। तब यह बात भी चर्चा में आई थी कि जज से कह दिया गया कि आप झारखंड में जज हैं न, आप कानून पढ़कर आएं। जालौन के जिलाधिकारी मन्नान अख्तर ने हालांकि जज को फोन करने के अपने ऊपर लगे आरोप को सिरे से नकार दिया। डीएम ने कहा कि वह असम के रहने वाले हैं, उनका न तो झारखंड न ही बिहार या वहां की राजनीति से कोई लेना-देना है। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि जिसने भी इस तरह की खबर दी है, वह पहले इसका सबूत पेश करे। वहीं झांसी के कमिश्नर अमित गुप्ता ने कहा कि उन्हें अभी कोई लिखित आदेश नहीं मिला है, पर सूचना मिल गई है कि इस मामले की जांच करनी है। आदेश मिलने के बाद ही वह इस मामले में कोई कुछ कह सकेंगे।
इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।