(DELHI, India)
पूर्व वित्तमंत्री (कांग्रेस) पी चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम को सीबीआई ने बुधवार कोे गिरफ्तार कर लिया। कार्ति पर आईएनएक्स मीडिया को विदेशी निवेश में गैर-वाजिब मंजूरी देने के बदले घूस लेने का आरोप है। दोनों मामले 2007 के हैं। उस वक्त पी चिदंबरम वित्त मंत्री थे। आरोप है कि उन्होंने ही कार्ति का काम आसान बनाया था। ऐसे में माना जा रहा है कि अब पी. चिदंबरम पर भी शिकंजा कसा जा सकता है। आरोप है कि 2007 में चिदंबरम के वित्त मंत्री रहने के दौरान आईएनएक्स मीडिया को विदेश से 305 करोड़ रुपये की रकम दिलाने के लिए विदेशी निवेश से जुड़े एफआईपीबी (फॉरन इन्वेस्टमेंट प्रमोशन बोर्ड) की मंजूरी दिलाने और इस कंपनी को जांच से बचाने के लिए कार्ति ने 10 लाख रुपये लिए थे। उस दौरान कंपनी के मालिक इंद्राणी मुखर्जी और पीटर थे। सूत्रों का कहना है कि इंद्राणी ने सीबीआई को बयान दिया है कि कार्ति ने एफआईपीबी क्लीयरेंस के लिए उनसे एक मिलियन डॉलर (6.5 करोड़ रुपये) की मांग की थी। सीबीआई ने इसी बयान को आधार बनाकर कार्ति को गिरफ्तार किया है।
DISCLAIMER:
इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।