भागवत ने कश्मीर की समस्या को लेकर भी बड़ा बयान दिया भागवत के अनुसार कश्मीर को समस्या की तरह नहीं देखा जाना चाहिए। असल समस्या की जड़ तो यह है कि हम अपनी एकता को भूल चुके हैं। साथ यह भी याद रखना जरूरी है कि पूरा भारत एक है।
कुछ दिन पहले ही भागवत ने कहा था कि देश की लिए लड़ना पड़े, तो आरएसएस कुछ दिनों में ही सेना बनाने की क्षमता रखती है। 11 फरवरी को बिहार के मुजफ्फरनगर जिले में आरएसएस के एक कार्यक्रम में मोहन भागवत कह चुके हैं कि अगर जरूरत पड़ी, तो संगठन दुश्मनों से सीमा पर लड़ने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ सैन्य संगठन नहीं है लेकिन हमारे पास सेना जैसा अनुशासन है। देश का संविधान इजाजत देता है तो आएसएस सीमा पर दुश्मनों के खिलाफ लड़ने के लिए तैयार है।
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