जुकरबर्ग ने 'द न्यूयॉर्क टाइम्स' को दिए एक इंटरव्यू में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) टूल का हवाला देते हुए कहा कि इसे फेसबुक पर लाया गया है ताकि चुनावों को प्रभावित करने और न्यूज़ को मैनुपुलेट करने वाले फेक अकाउंट्स की पहचान हो सके। ऐसा टूल पहली बार फ्रांस के चुनाव में साल 2017 में लाया गया था।
उन्होंने कहा- "नये एआई टूल को हमने 2016 के चुनाव के बाद बनाया था। मैं ऐसा मानता हूं कि करीब 30 हजार से ज्यादा फेक अकाउंट्स जो रूस से जुड़े थे वो ठीक अमेरिका में 2016 में हुए चुनाव की तरह ही रणनीति अख्तियार करना चाहते थे। लेकिन, हमने उन सभी को डिसएबल कर फ्रांस में बड़े पैमाने पर होनेवाली इस तरह की चीजों से बचा लिया।"
जुकरबर्ग ने कहा- "पिछले साल 2017 में अलबामा में विशेष चुनाव के दौरान हमने कुछ नए एआई टूल्स फर्जी एकाउंट्स और फेक न्यूज़ की पहचान के लिए लेकर आए। जिसके बाद हमने ये पाया कि बड़ी तादाद में मोसीडोनियन एकाउंट्स बने थे जो गलत न्यूज़ फैला रहे थे। जिसे हमने सोशल प्लेटफॉर्म से हटा दिया।"
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