केन्द्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने शुक्रवार को कहा- “एससी/एसटी एक्ट को सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेश पर केन्द्र सरकार ने संज्ञान लिया है। मैने पहले ही कानून मंत्रालय को इस बारे में पुनर्विचार याचिका दाखिल करने के आदेश दे दिए हैं।
एससी/एसटी एक्ट के होते गलत इस्तेमाल को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने 20 मार्च को दिए अपने आदेश में कहा था कि दलित अत्याचार की धारा में पहले डीएसपी की तरफ से आरोपों की प्रारंभिक जांच की जाएगी ताकि उसकी सत्यता का पता लगाया जा सके और निर्दोष को गलत तरीके से फंसाने से बचाया जा सके। इसमें कहा गया था कि किसी भी सरकारी अधिकारी पर सिर्फ आरोपों के आधार पर केस नहीं चलाया जा सकता जब तक कि नियुक्त अधिकारी की इजाजत ना मिल जाए।
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