समाजवादी पार्टी के सांसद आनंद भदौरिया और कांग्रेस सांसद के सुधाकरन ने लोकसभा में गंगा नदी के पानी की शुद्धता को लेकर सवाल उठाया, जिस पर केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट के अनुसार, गंगा नदी के पानी में पीएच, घुलित ऑक्सीजन (डीओ), बायोकेमिकल ऑक्सीजन डिमांड (बीओडी) और फीकल कोलीफॉर्म (एफसी) जैसे सभी तत्वों का औसत मान स्नान के लिए उपयुक्त सीमा के भीतर है।
उनके अनुसार संगम नोज (जहाँ गंगा और यमुना का संगम होता है) सहित श्रृंगवेरपुर घाट से दीहाघाट तक सात स्थानों पर सप्ताह में दो बार पानी की गुणवत्ता की निगरानी की गई। 12 जनवरी से निगरानी शुरू हुई और इसमें सीपीसीबी द्वारा अमृत स्नान के दिन भी शामिल किए गए। सीपीसीबी द्वारा 3 फरवरी को एनजीटी को प्रारंभिक निगरानी रिपोर्ट सौंपी गई जिसमें 12 से 26 जनवरी 2025 के बीच पानी की गुणवत्ता के बारे में डेटा एकत्र करना शामिल था।
इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।