IMF की चेतावनी: तेल कीमतों और टैरिफ से हिल रही है मध्यपूर्व की अर्थव्यवस्था
(India) मध्यपूर्व की अर्थव्यवस्थाएं दबाव में, IMF ने जताई चिंता
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने हाल ही में अपनी रिपोर्ट में चेतावनी दी है कि मध्यपूर्व और मध्य एशिया की अर्थव्यवस्थाएं कई बाहरी कारकों के चलते दबाव में आ रही हैं। रिपोर्ट के अनुसार, तेल की कीमतों में जारी अस्थिरता, वैश्विक व्यापार में टैरिफ और प्रतिबंधों की बढ़ती संख्या, तथा क्षेत्रीय भू-राजनीतिक अनिश्चितताएं — जैसे इजरायल-गाजा संघर्ष और रेड सी क्षेत्र में जारी तनाव — इन देशों की आर्थिक स्थिरता को प्रभावित कर रहे हैं। IMF का कहना है कि वर्ष 2024 में खाड़ी देशों की आर्थिक वृद्धि दर पहले के अनुमानों से कम रहने की संभावना है, खासकर अगर तेल की कीमतें अपेक्षित स्तर से नीचे रहती हैं। इसके अलावा, उच्च ब्याज दरें और वैश्विक निवेश में गिरावट भी क्षेत्रीय अर्थव्यवस्थाओं पर अतिरिक्त दबाव डाल रही हैं। IMF ने सलाह दी है कि संबंधित देशों को अपने राजकोषीय ढांचे को मजबूत करने, आर्थिक विविधीकरण को बढ़ावा देने और अनिश्चित वैश्विक माहौल के प्रति अधिक लचीलापन विकसित करने की आवश्यकता है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि यदि भू-राजनीतिक तनाव और बढ़ता है, तो व्यापार और निवेश दोनों पर दीर्घकालिक असर पड़ सकता है। ऐसे में नीति निर्धारकों के लिए यह समय बेहद संवेदनशील और रणनीतिक निर्णय लेने का है।

Author: JAN TV Editorial Team

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