मारुति सुजुकी ने सरकार से इस मामले में मदद की मांग की है और वैकल्पिक सप्लायर्स की तलाश भी शुरू कर दी है। कंपनी का कहना है कि यह कदम उत्पादन में हो रही अस्थिरता को कम करने के लिए जरूरी था।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह स्थिति भारत के इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग और मेक इन इंडिया पहल के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकती है। इससे स्पष्ट होता है कि देश को रेयर अर्थ मैग्नेट जैसे जरूरी संसाधनों में आत्मनिर्भरता बढ़ाने की जरूरत है।
Author: JAN TV Editorial Team
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