दरअसल, बैंक लॉकर सिर्फ जगह मुहैया कराता है, लेकिन उसमें रखे सामान की सुरक्षा की जिम्मेदारी ग्राहक की होती है। यदि लॉकर चोरी हो जाए या उसमें रखा सामान खराब हो, तो बैंक की ओर से पूरी कीमत का भुगतान नहीं किया जाता। ऐसे नुकसान के लिए ग्राहक को स्वयं इंश्योरेंस कराना पड़ता है।
लॉकर इंश्योरेंस करवाने पर चोरी, अग्नि, प्राकृतिक आपदाओं जैसे नुकसान की भरपाई की जा सकती है। बैंक के नियमों के अनुसार नुकसान की रिकवरी के लिए ग्राहक को संबंधित दस्तावेज और शिकायत रिपोर्ट बैंक या इंश्योरेंस कंपनी को देनी होती है।
इसलिए अपनी कीमती चीज़ों की सुरक्षा के लिए बैंक लॉकर का इंश्योरेंस करवाना फायदेमंद साबित होता है और अप्रत्याशित नुकसान से बचाता है।
Author: JAN TV Editorial Team
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