(India)
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की ताज़ा रिपोर्ट में भारत की पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों को वैश्विक स्तर पर सराहा गया है, जिसमें खासतौर पर आयुष की पाँच प्रमुख विधाएँ—आयुर्वेद, सिद्ध, यूनानी, सोवा रिग्पा और होम्योपैथी—के AI आधारित अनेक नवीनतम प्रयोग शामिल हैं। इस रिपोर्ट का शीर्षक "पारंपरिक चिकित्सा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के अनुप्रयोग का मानचित्रण" है, जो भारत की इन चिकित्सा पद्धतियों को मशीन लर्निंग और डीप न्यूरल नेटवर्क्स जैसे आधुनिक तकनीकों के जरिए सशक्त बनाने वाले नवाचारों को उजागर करता है। नाड़ी और जीभ निरीक्षण तथा प्राकृति मूल्यांकन जैसे पारंपरिक तरीकों में AI की मदद से बेहतर निदान संभव हो रहा है, जिससे स्वास्थ्य देखभाल अधिक व्यक्तिगत और प्रभावी बन रही है। रिपोर्ट में "आयुर्जेनोमिक्स" नामक एक अनूठे नवाचार को भी प्रमुखता मिली है, जो जीनोमिक्स और आयुर्वेद के सिद्धांतों का संयोजन करता है। साथ ही, पारंपरिक जड़ी-बूटियों की आणविक संरचना पर शोध और उनका आधुनिक रोगों के इलाज में पुनः उपयोग भी इस उपलब्धि का हिस्सा है। WHO ने भारत की पारंपरिक ज्ञान डिजिटल लाइब्रेरी (TKDL) को प्राचीन चिकित्सा ज्ञान के संरक्षण और उपयोग का एक सफल मॉडल बताया है, जिसे AI आधारित तकनीकों के ज़रिए और अधिक सशक्त बनाया जा रहा है। यह डिजिटल पहल 2018 में आयुष ग्रिड प्लेटफॉर्म के रूप में शुरू हुई, जो SAHI, NAMASTE और अन्य पोर्टलों के माध्यम से आयुष सेवाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ने में मदद कर रही है।
Author: JAN TV Editorial Team
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