इस दुर्लभ कार को ब्रिटिश कलेक्टर साइमन किडस्टन ने नीलामी में खरीदा है। इससे पहले यह कार जर्मनी के मर्सिडीज-बेंज म्यूजियम में रखी गई थी। खास बात यह है कि इस मॉडल की केवल दो यूनिट्स ही बनाई गई थीं, जिससे इसकी कीमत और खासियत बढ़ जाती है।
इस कार में 3.0 लीटर का इंजन है, जो 302 पीएस की ताकत देता है और इसे उस समय की सबसे तेज कारों में गिना जाता था। हालांकि इसका इतिहास एक दुखद घटना से जुड़ा है। 1955 की ले मैन्स रेस के दौरान इस कार से हुआ बड़ा हादसा हुआ था, जिसमें ड्राइवर समेत 83 दर्शकों की मौत हो गई थी। इस हादसे के बाद मर्सिडीज ने रेसिंग से हटने का फैसला किया और इस मॉडल का निर्माण रोक दिया गया।
Author: JAN TV Editorial Team
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