पाकिस्तान की एजेंसियों पर वित्तीय अनियमितताओं का आरोप, अरबों रुपये के खर्च पर उठे सवाल
(India) पाकिस्तान की प्रमुख सुरक्षा एजेंसियों पर वित्तीय वर्ष 2024 के दौरान अरबों रुपये के खर्च में भारी अनियमितताओं के आरोप लगे हैं। एक ऑडिट रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि जॉगर्स, ऊनी वस्त्र, बर्फ, नाव और खाद्य सामग्री जैसी चीज़ों की खरीदारी के दौरान पारदर्शिता और नियमों की अनदेखी की गई। रिपोर्ट के अनुसार, रेंजर्स, फ्रंटियर कोर और तटरक्षक बल सहित कई विभागों ने वित्तीय प्रक्रिया में गंभीर खामियां दिखाई हैं।
पंजाब रेंजर्स ने करोड़ों रुपये की लागत से ऊनी मोजे और बनियानें उन कंपनियों से खरीदीं जो गुणवत्ता के मानकों पर खरी नहीं उतरीं। वहीं पाकिस्तान कोस्ट गार्ड्स ने नावों के लिए एक निजी कंपनी को भारी अग्रिम राशि दी, लेकिन तय समय बीत जाने के बाद भी आपूर्ति नहीं हुई। इसी तरह फ्रंटियर कोर ने भी बिना सामान प्राप्त किए लाखों का अतिरिक्त भुगतान कर डाला।
खाद्य आपूर्ति में भी अनियमितता देखने को मिली, जहां उत्तर क्षेत्र की एफसी यूनिट ने मांस, चिकन, दूध और अन्य खाद्य वस्तुओं की आपूर्ति पर अनुबंध के बिना ही पुरानी दरों पर 7.8 अरब रुपये खर्च कर दिए। इसके अलावा, तकनीकी मानकों पर खरे न उतरने के बावजूद करोड़ों की जॉगर्स की खरीद की गई, और बर्फ जैसी वस्तु पर भी जरूरत से ज्यादा खर्च दिखाया गया।
सिंध रेंजर्स ने बिना किसी परीक्षण प्रक्रिया के यूनिफॉर्म की खरीद के लिए बड़े पैमाने पर ठेके दिए, जबकि एफसी नॉर्थ की एक यूनिट ने बिना वैध अनुमति के एक निजी बैंक को वेतन और भत्ते वितरण की जिम्मेदारी सौंप दी, जिसकी राशि अरबों में थी। यह रिपोर्ट देश की आंतरिक एजेंसियों की कार्यशैली और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करती है और यह दर्शाती है कि सुरक्षा के नाम पर वित्तीय अनुशासन का पालन किस हद तक उपेक्षित किया गया है।


Author: JAN TV Editorial Team

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