इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी अनिल अंबानी समूह पर 17,000 करोड़ रुपए से जुड़े बैंक लोन फ्रॉड की जांच कर चुका है। जांच एजेंसियों को शक है कि फर्जी बैंक गारंटी और कर्ज़ का गलत इस्तेमाल कर बैंकों को भारी नुकसान पहुँचाया गया है। अब सीबीआई और ईडी दोनों एजेंसियां मिलकर यह पता लगाने में जुटी हैं कि इन लोन का इस्तेमाल किन उद्देश्यों के लिए हुआ और क्या इसमें भ्रष्टाचार या वित्तीय गड़बड़ी शामिल है।
Author: JAN TV Editorial Team
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