यह चंद्र ग्रहण 7 सितंबर की देर रात से शुरू होकर 8 सितंबर की सुबह तक रहेगा। भारत, नेपाल, बांग्लादेश, श्रीलंका, पाकिस्तान सहित एशिया के कई देशों में यह साफ दिखाई देगा। यूरोप, अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के कुछ हिस्सों में भी इस ग्रहण को देखा जा सकेगा। अमेरिका महाद्वीप के अधिकांश हिस्सों में यह दृश्य दिखाई नहीं देगा।
समय (भारतीय समयानुसार): ग्रहण की शुरुआत रात लगभग 09:30 बजे से शुरू होकर मध्यम अवस्था रात 12:15 बजे तक रहेगा, ग्रहण की समाप्ति सुबह 2:00 बजे हो जायेगा।
वैज्ञानिक महत्व के अनुसार चंद्र ग्रहण तब होता है जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है और पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ती है। यह घटना वर्ष में केवल पूर्णिमा के दिन ही संभव होती है। खगोल विज्ञान की दृष्टि से यह घटना पृथ्वी, चंद्रमा और सूर्य की गति को समझने में विशेष महत्व रखती है।
हिंदू धर्म में ग्रहण को विशेष धार्मिक दृष्टि से देखा जाता है। मान्यता है कि ग्रहण काल के दौरान पूजा-पाठ, मंदिर दर्शन और शुभ कार्य वर्जित रहते हैं। ग्रहण खत्म होने के बाद स्नान और शुद्धिकरण की परंपरा भी निभाई जाती है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, चंद्र ग्रहण राशियों पर भी असर डाल सकता है।
सावधानियां:
ग्रहण को नंगी आंखों से देखना पूरी तरह सुरक्षित है, क्योंकि इसमें सूर्य की तरह हानिकारक किरणें नहीं होतीं।
गर्भवती महिलाओं को पारंपरिक मान्यताओं के चलते विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।
वैज्ञानिक दृष्टि से, आमजन को ग्रहण के दौरान किसी भी प्रकार का स्वास्थ्य खतरा नहीं होता।
यह चंद्र ग्रहण न केवल धार्मिक मान्यता से जुड़ा है बल्कि वैज्ञानिक दृष्टि से भी बेहद रोचक है। आकाश प्रेमियों और खगोल विज्ञान में रुचि रखने वालों के लिए यह एक यादगार खगोलीय अवसर साबित होगा।
Author: JAN TV Editorial Team
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