अखिल भारतीय सर्राफा संघ के अनुसार, यह गिरावट कमजोर वैश्विक संकेतों और अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने के कारण आई है। विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व के अधिकारियों ने ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों को फिलहाल नकार दिया है, जिससे निवेशकों का रुख सोने जैसे सुरक्षित निवेश से हट गया है।
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के कमोडिटी विश्लेषक सौमिल गांधी ने बताया कि डॉलर में मजबूती और फेड की आक्रामक टिप्पणियों ने सोने के भाव पर दबाव डाला। इसी बीच, डॉलर सूचकांक 0.12 प्रतिशत बढ़कर 99.99 पर पहुंच गया, जो तीन महीने का उच्चतम स्तर है।
वैश्विक बाजारों में भी यही रुख रहा—अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोना 0.2 प्रतिशत गिरकर $3,993.65 प्रति औंस, जबकि चांदी लगभग 1 प्रतिशत टूटकर $47.73 प्रति औंस पर आ गई।
निवेशक अब अमेरिका के श्रम बाजार के नए आंकड़ों और आईएसएम पीएमआई रिपोर्ट पर नजर बनाए हुए हैं। कोटक सिक्योरिटीज की कायनात चैनवाला के अनुसार, चीन द्वारा सोने पर कर छूट वापस लेने से भी कीमती धातुओं की मांग में ठंडक आई है।
Author: JAN TV Editorial Team
DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।