यह रैंकिंग इंटरनेशनल कोऑपरेटिव अलायंस (आईसीए) वर्ल्ड कोऑपरेटिव मॉनिटर 2025 ने जारी की है। इस सूची की घोषणा कतर के दोहा में आईसीए सीएम50 सम्मेलन में की गई।
जीसीएमएमएफ ने मंगलवार को बयान में कहा कि यह पहचान अमूल के अपने सहकारिता मॉडल के जरिये लाखों डेयरी किसानों को मजबूत बनाने में योगदान को दर्शाता है। इससे पूरे भारत में समावेशी वृद्धि और सतत ग्रामीण विकास को बढ़ावा मिलता है।
इंटरनेशनल कोऑपरेटिव अलायंस का मुख्यालय ब्रसेल्स में है। यह दुनिया भर की सहकारी संस्थाओं का प्रतिनिधित्व करता है और उनके टिकाऊ कारोबारी मॉडल को बढ़ावा देता है।
जीसीएमएमएफ के प्रबंध निदेशक जयेन मेहता ने कहा, ‘‘अमूल एक ऐसा ब्रांड है जिसका स्वामित्व पूरी तरह किसानों के पास है। वे दूध इकट्ठा करने और विनिर्माण से लेकर विपणन तक सारा प्रबंधन करते हैं। हमारा असर सिर्फ आर्थिक तक ही सीमित नहीं है; हमारा मॉडल गरीबी कम करने और लैंगिग समानता से लेकर स्थिर समुदाय तक संयुक्त राष्ट्र के कई टिकाऊ विकास लक्ष्यों का समर्थन करता है।"
Source- PTI
Author: JAN TV Editorial Team
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