ईडी की रिपोर्ट बताती है कि घोटाले से हुई अवैध कमाई को रियल एस्टेट प्रोजेक्ट “विट्ठल ग्रीन” में निवेश किया गया था, जिसे मेसर्स बघेल डेवलपर्स के नाम से चलाया जा रहा था। इससे पहले भी इस केस में कई बड़े नाम—जैसे पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा, पूर्व आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा और अन्य—गिरफ्तार हो चुके हैं। ईडी के मुताबिक, यह कुर्की पहले से जब्त की गई ₹215 करोड़ की संपत्तियों का हिस्सा है और इस मामले में जांच अब निर्णायक मोड़ पर है।
Author: JAN TV Editorial Team
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