जोमैटो और ब्लिंकिट की पेरेंट कंपनी इटरनल लिमिटेड ने इस ऐतिहासिक फैसले का स्वागत किया है और कहा है कि नए कोड्स से गिग वर्कर्स को व्यापक सामाजिक सुरक्षा मिलेगी और भविष्य में उनके लिए अधिक स्थिर कार्य वातावरण तैयार होगा। कंपनी का कहना है कि इन नियमों का उसके वित्तीय प्रदर्शन पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा और यह कदम डिजिटल अर्थव्यवस्था एवं रोजगार मॉडल को मजबूत करेगा।
नए लेबर कोड्स के तहत एग्रीगेटर कंपनियों को अपने वार्षिक टर्नओवर का 1 से 2 प्रतिशत गिग वर्कर्स के कल्याण के लिए योगदान करना होगा, जो भुगतान की राशि के अधिकतम 5 प्रतिशत तक सीमित रहेगा। यह फंड स्वास्थ्य, बीमा, पेंशन और आपात सहायता जैसी सुविधाओं में उपयोग किया जाएगा। इटरनल ने बताया कि वह पहले से ही अपने पार्टनर वर्कर्स के लिए मुफ्त व्यापक बीमा और कल्याण योजनाएं प्रदान कर रहा है और भविष्य में इन्हें और बेहतर करने के लिए प्रतिबद्ध है।
कंपनी का मानना है कि एकीकृत राष्ट्रीय श्रम ढांचा रोजगार व्यवस्था में पारदर्शिता लाएगा, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस बढ़ाएगा और गिग कर्मचारियों को लंबे समय तक सुरक्षित और सम्मानजनक भविष्य प्रदान करेगा। विशेषज्ञों के अनुसार, यह बदलाव भारत के तेजी से बढ़ते प्लेटफॉर्म इकोनॉमी क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है।
Author: JAN TV Editorial Team
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