मुख्यमंत्री ने इसी को आधार बनाकर कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई और दो अन्य व्यक्तियों के खिलाफ 500 करोड़ रुपये का मानहानि दावा दायर किया है। उनका कहना है कि लोकतंत्र में असहमति स्वाभाविक है, लेकिन तथ्यहीन आरोप स्वीकार्य नहीं हैं और उनका जवाब कानूनी तरीके से ही दिया जाएगा।
सरमा ने स्पष्ट किया कि वह इस पूरे मामले को अदालत में ले जाकर अपनी बात रखेंगे और न्यायिक प्रक्रिया पर भरोसा जताया। दूसरी ओर, यह घटनाक्रम असम की राजनीति में बढ़ते तनाव को भी दर्शाता है।
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