एनडीए सरकार ने सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की एक और सिफारिश को फिर से विचार करने के लिए लौटा दिया है। कॉलेजियम ने कर्नाटक हाई कोर्ट के जज के. एल. मंजूनाथ को पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट का चीफ जस्टिस बनाने की सिफारिश की थी। इससे पहले सरकार ने सीनियर वकील गोपाल सुब्रमण्यम को सुप्रीम कोर्ट का जज बनाने की सिफारिश भी लौटा थी। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस आर. एम. लोढ़ा ने सरकार के इस कदम पर सार्वनजनिक रूप से नाराजगी जताई थी। अब देखना है कि सरकार के ताजा कदम पर सुप्रीम कोर्ट का क्या रुख रहता है। अंग्रेजी अखबार श्इंडियन एक्सप्रेसश् में छपी खबर के मुताबिक, सरकार ने जस्टिस मंजूनाथ पर सिफारिश को पुनर्विचार के लिए लौटाने का फैसला सुप्रीम कोर्ट के ही एक सीनियर जज की प्रतिकूल टिप्पणी के आधार पर किया है। इस जज से चीफ जस्टिस आर. एम. लोढ़ा ने कॉलेजियम की मीटिंग से पहले विचार-विमर्श किया था। हालांकि, कॉलेजियम ने जस्टिस मंजूनाथ के नाम की सिफारिश करते वक्त प्रतिकूल टिप्पणियों को नजरंदाज कर दिया। जज ने इस बात का विस्तृत ब्योरा भी दिया है कि क्यों वह जस्टिस मंजूनाथ का नाम पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस के लिए प्रस्तावित किए जाने के खिलाफ हैं।
Author: JAN TV Editorial Team
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