लोकसभा में ट्राई संशोधित बिल पास हो गया है। जबकि प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव नृपेंद्र मिश्रा की नियुक्ति के मसले पर कांग्रेस राज्यसभा में अकेली पड़ गई है। बीएसपी, एसपी, एडीएमके के साथ ही टीएमसी ने अचानक यू टर्न ले लिया है और कांग्रेस अलग-थलग पड़ गई है। आप को बता दें कि राज्यसभा में भी ट्राई संशोधित बिल पास होने के रास्ते साफ होते दिख रहे हैं। बीएसपी और एसपी ने ट्राई संशोधन बिल का विरोध नहीं करने का फैसला किया। जयललिता की एडीएमके भी इस मसले पर एनडीए के साथ नजर आ रही है। वहीं टीएमसी भी इस बिल का विरोध नहीं करेगी। ऐसे में कांग्रेस इस मुद्दे पर अकेली पड़ गई है। जबकि इस मसले पर टीएमसी पहले कांग्रेस के साथ थी। आपको बता दें कि राज्यसभा में कुल सदस्यों की संख्या 245 है। जिनमें से एनडीए 58, यूपीए 80 और दूसरी पार्टियों के सांसदों की संख्या 86 है।एआईएडीएमके के 11 सांसद, डीएमके के 4 सांसद, बीजू जनता दल के 7 सांसद हैं। इसके अलावा अगर सरकार राष्ट्रीय लोकदल के सांसदों को अपने पक्ष में कर लेती है तो उसे बिल को राज्यसभा से पास कराने में कोई परेशानी नहीं होगी। इनके अलावा राज्यसभा में मनोनीत सांसदों की संख्या भी 10 है। साथ ही खाली दो सीट भी सरकार के लिए वरदान बन सकते हैं।
Author: JAN TV Editorial Team
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