बदायूं रेप-मर्डर: गंगा के उफान ने फेरा दोबारा पोस्टमार्टम कराने की कोशिशों पर पानी
(Bilsi**, Budaun) उफनाई गंगा में कब्रें डूब जाने के मद्देनजर सीबीआई ने उत्तर प्रदेश के बदायूं के चर्चित बलात्कार-हत्याकांड की शिकार लड़कियों के शवों के दोबारा पोस्टमार्टम की प्रक्रिया तय समय से दो दिन पहले आज शुरू की लेकिन तेज बहाव के आगे सारी कवायद बेकार साबित हुई। इसके साथ ही अब पुन: अन्त्य परीक्षण की उम्मीदें धूमिल होती नजर आ रही हैं। पुलिस अधीक्षक (नगर) मान सिंह चौहान ने बताया कि कटरा सादतगंज में गत 27 मई को बलात्कार के बाद हत्या की शिकार हुई दो चचेरी बहनों के शवों का दोबारा पोस्टमार्टम पहले 20 जुलाई को कराया जाना था मगर गंगा के चढ़ते पानी में कब्रें डूबने के कारण शव बह जाने की आशंका के मद्देनजर यह प्रक्रिया आज ही शुरू कराई गयी लेकिन तेज बहाव के आगे प्रशासन की सभी कोशिशें धरी की धरी रह गयीं। उन्होंने बताया कि भारी बारिश और हरिद्वार तथा बिजनौर के बांधों से पानी छोड़े जाने से गंगा का जलस्तर अचानक काफी बढ़ गया है और अटैना घाट पर बनी दोनों लड़कियों की कब्रें करीब तीन फुट पानी में डूब गयी। कब्रों की मिट्टी बलुई किस्म की है और तेज बहाव में कब्र खोदने से मिट्टी दोबारा उसी स्थान पर आ जाने के कारण शवों को निकालने में काफी दिक्कतें हुई। आखिरकार हारकर यह अभियान रोकना पड़ा। चौहान ने बताया कि यह अभियान अब कल दोबारा शुरू होगा या नहीं इसका फैसला सीबीआई करेगी। उधर, बाढ़ खण्ड के अधिशासी अभियंता डी. के. जैन ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि कब्रें खोदकर शव निकालने का अभियान अब दोबारा शुरू हो सकेगा। इसके पूर्व, कल कब्रों को सुरक्षित रखने के लिये उनके चारों तरफ बालू की बोरियों की दीवारें खड़ी की गयी थीं लेकिन इसके बावजूद कब्रें डूब गयीं। आज उनके चारों तरफ टिन की दीवारें खड़ी करके मोटरपम्प से पानी निकालने की कोशिश की गयी। साथ ही पीएसी के गोताखोरों को भी लगाया गया ताकि अगर तेज बहाव के साथ कब्र कटने से शव बहें तो उन्हें रोका जा सके। पोस्टमार्टम के लिये पौने चार बजे पहुंची सीबीआई की टीम के साथ डाक्टर अवधेश, राजीव गुप्ता और पुष्पलता पंत त्रिपाठी भी मौजूद हैं जिन्होंने पहली बार शवों का अन्त्य परीक्षण किया था। इसके अलावा दिल्ली एम्स के तीन चिकित्सकों का दल तथा फोरेंसिक टीम भी साथ में आयी है।

Author: JAN TV Editorial Team

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