मद्रास हाईकोर्ट के एक भ्रष्ट जज को मिले राजनीतिक समर्थन की बात का खुलासा करने वाले जस्टिस काटजू को अब पूर्व कानून मंत्री रहे एचआर भारद्वाज का भी समर्थन मिला है। वर्ष 2004 से 2009 तक यूपीए सरकार में कानून मंत्री रहे एचआर भारद्वाज ने यह बात स्वीकार की है कि वर्ष 2003 में एक डिस्ट्रिक्ट जज की नियुक्ति मद्रास हाई कोर्ट में बतौर अडिशनल जज हुई थी और बाद में कई प्रतिकूल खुफिया रिपोर्ट्स के बावजूद उसे स्थाई जज के तौर पर नियुक्ति मिल गई क्योंकि इस जज को महत्वपूर्ण राजनीतिक समर्थन मिला हुआ था। हालांकि भारद्वाज ने जस्टिस काटजू के इन दावों को गलत बताया कि इस जज का कार्यकाल बढ़ाना और स्थाई बनाने के पीछे यूपीए सरकार पर उसके सहयोगी पार्टी द्वारा बनाया गया दबाव वजह थी। उन्होंने कहा, ‘न्यायपालिका पर कोई नियंत्रण नहीं है...रेकॉर्ड इस बात को स्पष्ट कर देंगे की न्यायपालिका पूरी तरह स्वतंत्र है’, भारद्वाज ने कहा कि जैसा कि उन्होंने बताया कि यूपीए सरकार के सहयोगी के अलावा अनुसूचित जातिध्अनुसूचित जनजाति के सांसदों ने भी इस जज के समर्थन में सरकार में लॉबिइंग की थी।
Author: JAN TV Editorial Team
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