(DELHI, India)
न्यायमूर्ति बी डी अहमद और न्यायमूर्ति एस मृदुल की खंडपीठ ने एक गैर सरकारी संगठन की याचिका पर सुनवाई के दौरान यह आदेश दिया। इस संगठन का आरोप है कि 2007-08 के दौरान परिवहन निगम में भर्ती किये गये चार हजार से अधिक चालकों में से अधिकतर वर्णांधता से पीड़ित हैं और इनका फिर से मेडिकल परीक्षण होना चाहिए। अदालत ने परिवहन निगम को 6 अगस्त तक यह सूचित करने का वक्त दिया है कि 2007-08 में भर्ती किये गये वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस की जांच पड़ताल और इनका मेडिकल परीक्षण कराने के बारे में वह क्या करना चाहता है। न्यायाधीशों ने अपने आदेश में कहा, डीटीसी की ओर से पेश वकील का कहना है कि उसे 2007-08 में भर्ती किये गये सभी चालकों के लाइसेंस की जांच पड़ताल के बारे में निर्देश प्राप्त करने के लिये कुछ समय दिया जाये। अदालत ने कहा कि परिवहन निगम को नये आवेदकों को भर्ती करने और शहर की सड़कों पर बस चलाने की अनुमति देने से पहले उनके लाइसेंस की जांच करनी चाहिए।
Author: JAN TV Editorial Team
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