(India)
150 सालों के दौरान यह सबसे बड़ी सौर आंधी मानी जा रही है। अमेरिका के कोलराडो विश्वविद्यालय के डैनियल बेकर ने कहा, 'यदि ऐसा हुआ होता, तो हम अबतक टुकड़े चुन रहे होते।' न्यूयॉर्क पोस्ट की रपट के मुताबिक, 'एक ऐसी आपदा से बचने में हम भाग्यशाली रहे, जो बिल्कुल हमारे सिर पर थी। सूर्य का रुख पृथ्वी से थोड़ा सा हटने के कारण ही ऐसा संभव हो पाया। अगर ऐसा एक सप्ताह पहले हुआ होता, तो परिणाम कुछ और ही होता।' उत्क्षेपण (इजेक्शन) इतना शक्तिशाली था कि हम फिर से आदिम युग में पहुंच गए होते। वैज्ञानिकों ने कहा कि प्रत्यक्ष सीएमई में इतनी ताकत होती है कि वह संचार के तमाम नेटवर्क, जीपीएस और विद्युत ग्रिड खत्म कर सकता है, जिसके कारण चहुंओर अंधेरा छा जाता। बार्कर कहते हैं, 'पृथ्वी और इसके निवासी इस बात के लिए खुशकिस्मत हैं कि 2012 का उत्क्षेपण एक सप्ताह पहले नहीं हुआ।
Author: JAN TV Editorial Team
DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।