(DELHI, India)
न्यायमूर्ति बी. डी. अहमद और एस. मृदुल की खंडपीठ ने इसपर तुरंत रोक लगाने का आदेश देते हुए कहा कि प्राथमिक तौर पर इस तरह का ई-रिक्शा दिल्ली की सड़कों पर अनियमित परिचालन ट्रैफिक और नागरिकों दोनों के लिए ही खतरनाक है। अदालत ने कहा, ‘आप (दिल्ली सरकार) ही कहते हैं कि यह गैरकानूनी है तो फिर आपको इन्हें (ई-रिक्शा) एक निश्चित समय में तब तक के लिए बंद करना चाहिए जब तक इस संबंध में कोई कानून नहीं बन जाता। आप उन्हें कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं दे सकते।’ कोर्ट 14 अगस्त को मामले की सुनवाई के बाद ई-रिक्शा चलाने या नहीं चलाने पर स्थायी फैसला लेगी। हाईकोर्ट ने त्रिलोकपुरी में दो दिन पहले हुए हादसे का जिक्र करते हुए कहा कि ई-रिक्शा कानून के खिलाफ चल रहे हैं और इसलिए इस पर तुरंत रोक लगाना जरूरी है। गौर हो कि पूर्वी दिल्ली के त्रिलोकपुरी में एक बेहद दर्दनाक घटना में एक मासूम की खौलती चाशनी की कढ़ाई में गिरकर मौत हो गई। यह बच्चा अपनी मां की गोद में था कि तभी एक ई-रिक्शा ने महिला की टक्कर मार दी और बच्चा छिटककर कढ़ाई में जा गिरा। बच्चे की झुलसकर मौत हो गई। इस हादसे में महिला भी झुलस गई। हाईकोर्ट ने इसी मसले को स्वत: संज्ञान में लेते हुए गुरुवार को यह फैसला सुनाया।
Author: JAN TV Editorial Team
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