(MAHARASHTRA, India)
उच्चतम न्यायालय ने यह भी कहा कि राज्य के अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि दही हांडी आयोजित करने वाले महाराष्ट्र राज्य मानवाधिकार सुरक्षा आयोग के मार्गनिर्देश लागू करें जिनमें सुरक्षा उपाय बताए गए हैं। दही हांडी का यह उत्सव हर साल भगवान कृष्ण के जन्मदिन जन्माष्टमी को आयोजित होता है। इसमें मानव पिरामिड बनाई जाती है और उंचाई पर बंधे दही से भरे मिट्टी के बर्तन को तोड़ा जाता है। यह महाराष्ट्र का एक बेहद लोकप्रिय उत्सव है। प्रधान न्यायाधीश आरएम लोढा, न्यायमूर्ति कुरियन जोसफ और न्यायमूर्ति आर एफ नरीमन की खंडपीठ ने बंबई उच्च न्यायालय के 11 अगस्त के आदेश को चुनौती देने वाली एक याचिका पर अंतरिम आदेश पारित करते हुए महाराष्ट्र सरकार तथा संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी किए और आठ हफ्तों के अंदर जवाब देने के लिए कहा। उत्सव के आयोजकों ने दही हांडी के दौरान मानव पिरामिड बनाने में 18 साल से कम उम्र के बच्चों की भागीदारी पर प्रतिबंध लगाने वाले उच्च न्यायालय के आदेश को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी थी।
Author: JAN TV Editorial Team
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