(TAMILNADU, India)
थरूर ने केंद्र सरकार पर हिंदूवाद का उपयोग अपने ‘राजनीतिक एजेंडे’ को पूरा करने के लिए राजनीति पहचान के प्रतीक के रूप में करने का आरोप लगाया। उन्होंने आरोप लगाया कि बीते कुछ दिन में संसद में सांप्रदायिक हिंसा पर चर्चा मेरी पार्टी द्वारा इस तथ्य को उजागर करने का गंभीर प्रयास थी कि उनके (भाजपा) सत्ता में आने के बाद बीते 11 हफ्तों में हमने सांप्रदायिक हिंसा में निरंतर बढोत्तरी, समुदायों के धुव्रीकरण में बढोत्तरी देखी है, खासकर उत्तर प्रदेश के उन इलाकों में जहां उपचुनाव होने जा रहे हैं। यह स्पष्ट रूप से राजनीतिक एजेंडा है।तिरूवनंतपुरम से कांग्रेस सांसद कल यहां सेंट जेवियर के वार्षिक अंतरमहाविद्यालय महोत्सव में छात्र सम्मेलन में बोल रहे थे। नरेंद्र मोदी सरकार के कामकाज पर पूर्व केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि यह दिखाता है कि जब आम आदमी की सुरक्षा की बात होती है तो न्यूनतम शासन होता है। उन्होंने कहा कि बीते कुछ महीनों में जो कुछ हुआ, हमने जो बढ़ते सांप्रदायिक दंगे देखे और कुछ बहुत गंभीर मुद्दों पर प्रधानमंत्री की चुप्पी को ध्यान में रखते हुए, यह वास्तव में ऐसा लगता है कि जब आम आदमी की सुरक्षा की बात आती है तो न्यूनतम शासन होता है और जब एक व्यक्ति के हाथ में सारी शक्ति देने की बात होती है तो अधिकतम शासन होता है।
Author: JAN TV Editorial Team
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