जल प्रलय : उत्तराखंड में 50 से अधिक की मौत, यूपी-बिहार में लाखों बेघर
(UTTARANCHAL, India) देहरादून में हुई एक घटना में जमीन खिसकने से तीन घर जमीदोंज हो गए, जिसमें एक महिला समेत सात लोग मारे गए। जमीन खिसकने के चलते गंगोत्री हाईवे बंद कर दिया गया है। प्रधानमंत्री ने इस भारी तबाही पर शोक जताया है। संकटग्रस्त इलाकों को खाली करवाया जा रहा है,,इधर, नेपाल की नदियों में आयी बाढ़ उत्तर प्रदेश के विभिन्न इलाकों में कहर बनकर टूटी है। घाघरा, सरयू, शारदा, राप्ती और बूढ़ी राप्ती में अचानक बढ़े पानी से सैकड़ों गांवों में तबाही का मंजर है और लाखों की आबादी बुरी तरह प्रभावित है। सैलाब का असर सड़क तथा रेल यातायात पर भी पड़ा है और बाढ़ में फंसे लोगों की मदद के लिये सशस्त्र सीमा बल तथा पीएसी को तैनात किया गया है। पिछले 24 घंटे के दौरान बाढ़ से संबंधित हादसों में कम से कम 10 लोगों की मौत हो गयी। केन्द्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के अनुसार कल श्रावस्ती के काकरधारी और भिनगा में जलस्तर में रिकार्ड तोड़ वृद्धि दर्ज कराने वाली राप्ती नदी अब बलरामपुर में बाढ़ के उच्चतम स्तर को पार कर गयी है तथा इसका जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। यही हाल घाघरा का एल्गिनब्रिज (बाराबंकी) में भी है जहां इसका जलस्तर अब भी बाढ़ के उच्चतम स्तर के नजदीक बना हुआ है। सूत्रों के मुताबिक नानपारा और महसी तहसील के 250 मकान ढह गये हैं तथा 95 झोपड़ियां बह गयी हैं। इन तहसीलों के 103 गांवों के 546 मजरे की करीब ढाई लाख की आबादी बाढ़ से प्रभावित हुई है। श्रावस्ती में भी करीब 200 मजरे बाढ़ से प्रभावित हैं। वहां आजादी के बाद सबसे भीषण बाढ़ 1969 में आयी थी। इस बार पानी उससे भी ज्यादा है। बिहार और नेपाल के तराई क्षेत्रों में हो रही बारिश के कारण बिहार की सभी प्रमुख नदियां विभिन्न स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, वहीं बिहार के सुपौल, मुजफ्फरपुर, खगड़िया, दरभंगा, सहरसा, बगहा, अररिया समेत कई जिलों में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई है। सैकड़ों गांवों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। इधर, सरकार ने राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) को बाढ़ प्रभावित इलाकों में लगा दिया गया है। पटना स्थित बाढ़ नियंत्रण कक्ष के मुताबिक बिहार की सभी प्रमुख नदियों के जलस्तर में वृद्धि दर्ज की जा रही है। वीरपुर बैराज में कोसी नदी के जलस्तर में वृद्धि हो रही है।

Author: JAN TV Editorial Team

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