साई भक्त का कहना है कि मैं साई को मानता हूं। साई ने कभी नहीं कहा है कि वे हिन्दू थे या मुस्लिम थे। उन्होंने खुद को सरहद में नहीं बांधा था। साई कहते थे कि मानवता ही उनका धर्म है और उनकी इन्हीं बातों को मैं मानता हूं। भक्त ने संसद में बैठे सभी अखाड़ा प्रमुख और साधु-संत और शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती को कहा कि मैं मानता हूं कि आपकी कुछ बातें सही है। कुछ लोग साई के नाम पर चंदा और चढ़ावा का व्यापार बना लिए है। ये बातें जरूर गलत है। साई तो सिर्फ प्यार के भूखे हैं। गौरतलब है कि भक्त की बातें सुनने के बाद धर्म संसद की चर्चा फिर से यथावत जारी है
Author: JAN TV Editorial Team
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