(JAMMUandKASHMIR, India)
प्रस्ताव में कहा गया है कि सदन ने संकल्प लिया है कि उपमहाद्वीप में और खासतौर पर जम्मू कश्मीर में शांति एवं स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार को अवश्य ही केंद्र सरकार से अनुरोध करना चाहिए विधानपरिषद अध्यक्ष अमृत मल्होत्रा ने यह प्रस्ताव पेश किया जिसका समर्थन नेशनल कांफ्रेंस, कांग्रेस और पीडीपी सदस्यों ने किया। साथ ही यह संकल्प भी लिया गया कि राज्य सरकार को नियंत्रण रेखा और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर गोलीबारी रोकने के लिए तथा पीड़ितों के पुनर्वास के लिए उपाय करने को लेकर प्रभावी कदम उठाना चाहिए। हालांकि, इसमें नेशनल पैंथर्स पार्टी के विधायक सैयद रफीक शाह द्वारा पेश किया गया संशोधन खारिज हो गया क्योंकि प्रस्ताव पर चर्चा कराए जाने की इजाजत नहीं मिलने के बाद वह सदन से वाकआउट कर गए। प्रस्ताव का समर्थन करते हुए नेकां के खालिद नजीब सोहरावर्दी ने कहा, ‘जम्मू कश्मीर एक फुटबॉल जैसा लग रहा है। इससे कभी भारत खेलता है तो कभी पाकिस्तान।’ पीडीपी के नईम अख्तर ने आरोप लगाया कि वार्ता को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच रस्साकशी चल रही है, जो इस मुद्दे का इस्तेमाल अपने खुद के फायदे के लिए कर रहे हैं।
Author: JAN TV Editorial Team
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