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दोनों नेता प्राचीन क्योतो शहर में बौद्ध मंदिर गए और एक साथ कुछ समय व्यतीत किया। जापानी प्रधनमंत्री ने ट्वीट किया, ‘प्रधानमंत्री मोदी से कल तोक्यो में मुलाकात को लेकर आशान्वित हूं।’ कई ट्वीट में अबे ने भारत के साथ गहरे ऐतिहासिक संबंधों का जिक्र किया। उन्होंने कहा, ‘मुझे काफी खुशी है कि प्रधानमंत्री मोदी जापान की प्राचीन राजधानी क्योतो में सांस्कृतिक धरोहरों का आनंद उठा रहे हैं।’ अबे ने ये ट्वीट क्योतो में मोदी के साथ बौद्ध मंदिरों में प्रार्थन करने के बाद किया। जापानी प्रधानमंत्री ने कहा, ‘प्रधानमंत्री मोदी के साथ मैं आज सुबह तोजी मंदिर गया। भगवान बुद्ध की मूर्तियां देखते समय हमें जापान और भारत के गहरे ऐतिहासिक संबंधों का एहसास हुआ।’ अबे ने कहा कि मोदी के साथ रात की भोज बैठक काफी आनंददायक रही। मोदी ने सांस्कृतिक धरोहर क्योतो शहर की प्रशंसा की है। क्योतो में करीब 2000 मंदिर एवं धार्मिक स्थल हैं। यह नारा काल (794 ई) से इतिहास में दर्ज है। यह 1000 वर्ष से अधिक समय तक जापान की राजधानी रहा और यहां के सम्राट ने बाद में तोक्यो को राजधानी बनाया। लोकसभा में वाराणसी का प्रतिनिधित्व करने वाले मोदी भारत के इस पवित्र शहर को ‘स्मार्ट सिटी’ के रूप में विकसित करने में क्योतो के अनुभवों का उपयोग करना चाहते हैं। अबे ने ट्वीट किया, ‘जापान की यात्रा पर मैं प्रधानमंत्री मोदी का गर्मजोशी से स्वागत करता हूं। कल रात उनके साथ रात का भोजन का काफी आनंददायक रहा। जापान-भारत सांस्कृतिक आदान प्रदान और अंतरराष्ट्रीय मामलों जैसे विषयों पर विचारों का आदान प्रदान काफी बहुमूल्य रहा।’ कल के औपचारिक शिखर सम्मेलन का आधार तय करते हुए प्रधानमंत्री मोदी और अबे ने कल रात मजबूत एवं ठोस द्विपक्षीय संबंधों के बारे में बात की। अपनी यात्रा की पूर्वसंध्या पर मोदी ने कहा था कि भारत की प्रगति में जापान का काफी महत्व है और उनकी यह यात्रा द्विपक्षीय संबंधों का नया अध्याय लिखने के साथ सामरिक एवं वैश्विक गठजोड़ को नई ऊंचाई प्रदान करेगी।
Author: JAN TV Editorial Team
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