उपचुनाव को लेकर सियासी पारा उफान पर, राजनीतिक पार्टियों ने झोंकी ताकत,
(Rajasthan, India) राजस्थान में चार सीटों पर विधानसभा उपचुनाव के चलते सियासी पारा एक बार फिर उफान पर है। कांग्रेस के पास विधानसभा और लोकसभा चुनाव में मिली पातालतोड़ हार के चलते खोने के लिए कुछ नहीं है। फिलहाल कांग्रेस वैर,नसरीबाद और सूरजगढ़ सीट पर खुद को मजबूत मानकर चल रही है। बात अगर सूरजगढ़ सीट की करें तो यहां पर चुनाव हाईप्रोफाइल हो गया है। कांग्रेस की ओर से जहां श्रवण कुमार यादव। वहीं सत्तारुढ भाजपा ने बाहरी दिगंबर सिंह को यहां से चांस देकर कांग्रेस को मुकाबले में ला दिया है। वैर में भी कड़ा मुकाबला है। भजनलाल को टिकट दिलाने वाले विधायक विश्वेंन्द्र सिंह ने जीत को नाक का सवाल बना लिया है। सिंह के सक्रिय होने से कांग्रेस बेहद मजबूत स्थिति में है तो दूसरी और शिक्षा मंत्री ने यहां की कमान संभाल रखी है। वहीं कोटा दक्षिण में बीजेपी और कांग्रेस ने पूरी ताकत लगा दी है। यहां पीडब्लूडी मंत्री युनूस खान ने मोर्चा संभाल लिया है। इधर नसीराबाद में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत आज चुनाव सभा को सम्बोधित कर रहे है। चार विधानसभा क्षेत्रों में उपचुनाव के बाद कांग्रेस बढ़ती महंगाई और एकीकरण के नाम पर 17 हजार स्कूलों को बंद करने के खिलाफ सड़क पर उतरेगी। सड़क पर कांग्रेस कार्यकर्ता भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों का पुरजोर विरोध करेंगे। ये कहना है कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट का। गुर्जर समाज के आराध्य स्थल सवाईभोज में आयोजित तीन दिवसीय मेले के उद्घाटन के बाद पायलट ने कहा कि उन्हें भरोसा है कि नसीराबाद, कोटा दक्षिण, वैर और सूरजगढ़ सीटों के उपचुनाव में कांग्रेस की जीत होगी। उन्होंने कहा कि केन्द्र और राज्य के नेतृत्व में तालमेल की कमी है। दोनों ही सरकारें अपने वादों पर खरी नहीं उतरी हैं। सरकार और संगठन के बीच उपजे अंतर्विरोध का परिणाम राजस्थान को भुगतना पड़ रहा है। सचिन ने कहा कि टमाटर और प्याज महंगे दामों पर बिक रहे हैं। लेकिन किसानों को महज छह या सात रुपए प्रति किलो मिल रहे हैं। देश में कई जगह दंगे हुए हैं। केन्द्र सरकार को चाहिए कि वह लोगों को सुरक्षित करे। लेकिन वह कामयाब नहीं हुई।

Author: JAN TV Editorial Team

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