(KERALA, India)
इस पद पर 65 वर्षीय सदाशिवम की नियुक्ति के बाद पूर्व प्रधान न्यायाधीश को राज्यपाल का जिम्मा सौंपे जाने के औचित्य को लेकर कानूनी और राजनीतिक गलियारों में बहस शुरू हो गई है। केरल उच्च न्यायालय के कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति अशोक भूषण ने यहां राजभवन में सदाशिवम को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। सदाशिवम भारत के ऐसे पहले पूर्व प्रधान न्यायाधीश हैं जिन्हें राज्यपाल बनाया गया है। नई राजग सरकार में राज्यपाल पद पर नियुक्त होने वाले सदाशिवम पहले गैर राजनीतिक व्यक्ति भी हैं। शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री ओमेन चांडी, उनके मंत्रिमंडलीय सहयोगी, राज्यसभा के उप सभापति पी जे कुरियन और केरल विधानसभा के अध्यक्ष जी कार्तिकेयन भी उपस्थित थे। एलडीएफ के नेता शपथ ग्रहण समारोह में शामिल नहीं हुए। राज्यपाल पद पर 3 सितंबर को नियुक्त किए जाने के बाद सदाशिवम ने कहा था कि अन्य राजनीतिज्ञों की तुलना में मैं अपनी सेवाओं से राज्य के लोगों की बेहतर सेवा कर सकता हूं। उन्होंने कहा कि मैं राज्य के लोगों के लिए अपने अनुभव का उपयोग करना चाहता हूं। सदाशिवम को शीला दीक्षित के स्थान पर केरल का राज्यपाल बनाया गया है। सदाशिवम इसी साल अप्रैल में प्रधान न्यायाधीश के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं।
Author: JAN TV Editorial Team
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