पाकिस्तान के पश्चिमोत्तर सीमांत प्रांत खैबर पख्तूनख्वा की राजधानी पेशावर के एक आर्मी स्कूल में मंगलवार को तालिबानी आतंककारियों ने मासूम 132 बच्चों की हत्या करके इंसानियत को शर्मसार कर दिया।स्कूल पर हुए इस हमले में इन बच्चों समेत कुल 141 लोग मारे गए और कम से कम 122 लोग घायल हो गए। आर्मी स्कूल में हुए हमले के बाद छात्रों को बचाने के लिए पाकिस्तानी सेना का अभियान तालिबानी आतंककारियों के साथ नौ घंटे के संघर्ष के बाद समाप्त हो गया। हमले में सभी सात आतंकी भी मारे गए हैं। सेना के प्रवक्ता असीम बजावल ने बताया कि स्कूल में सातआतंकी घुसे थे और उन्होंने घुसते ही मासूम बच्चों को निशाना बनाना शुरू कर दिया। आतंककारियों ने कोई मांग नहीं की थी और उनका मकसद बच्चों को बंधक बनाना नहीं था।उन्होंने बताया कि 15 मिनट के अन्दर ही सुरक्षा बल मौके पर पहुंच गए थे। स्कूल में 1100 बच्चें थे। इस हमले मेंआतंककारियों ने 132 बच्चों और स्कूल के नौ कर्मचारियों की हत्या कर दी, जबकि 960 लोगों को बचा लिया गया। सेना का अभियान अब समाप्त हो गया है और इस अभियान में सभी आतंकी मारे गए हैं। स्कूल को अब प्रशासन के हवाले कर दिया गया है। बजावल ने बताया कि इस घटना में सेना के दो जवान भी जख्मी हुए हैं। उन्होंने बताया कि आतंककारियों का मकसद ज्यादा से ज्यादा नुकसान करना था। हम इस हमले में मारे गए लोगों के परिजनो के प्रति हम संवदेना व्यक्त करते हैं। कोई भी नहीं सोच सकता था कि आतंकी बच्चों को निशाना बनाएंगे।पाकिस्तान के इतिहास में अब तक के इस सबसे बडे आतंकी हमले से समूचा विश्व हतप्रभ रह गया है। पाकिस्तान सरकार ने इस घटना पर तीन दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित किया है। प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने इसे राष्ट्रीय त्रासदी करार दिया है।
Author: JAN TV Editorial Team
DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।