इस जघन्य घटना के बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने पेशावर स्थित आर्मी स्कूल में आतंकी हमले को ‘कायराना हरकत’ करार देते हुए कहा कि यह जघन्य घटना उनकी सरकार को तालिबान के खिलाफ सैन्य अभियान चलाने से नहीं रोक पाएगी।
अर्धसैनिक फ्रंटियर कोर की वर्दी पहनकर आए आठ से दस अरबी भाषी हमलावर सुबह साढे दस बजे (स्थानीय समय) वरसाक रोड स्थित आर्मी पब्लिक स्कूल में घुस गए और उन्होंने सबसे बर्बर में से एक हमले में कक्षाओं में बारी बारी से जाकर अंधाधुंध गोलियां बरसाईं और मासूमों की हत्या कर दी। सेना के मुख्य प्रवक्ता मेजर जनरल आसिम बाजवा ने संवाददाताओं को बताया कि मारे गए 141 लोगों में 132 बच्चे हैं। स्कूल के नौ कर्मचारी भी शामिल हैं। कुल 130 लोग घायल हुए हैं जिनमें 118 छात्र, तीन कर्मचारी, सात एसएसजी सैनिक और दो अधिकारी शामिल हैं। बाजवा ने कहा कि 960 बच्चों और कर्मचारियों को बचाया गया है। इससे पहले, खबरों में कहा गया था कि मरने वालों की संख्या 160 है लेकिन बाद में इसे कम किया गया। आठ घंटे से अधिक समय तक चले गतिरोध के दौरान आतंकवादियों ने शिक्षकों और स्कूल के प्रधानाचार्य सहित कई लोगों को बंधक बनाकर मानवीय ढाल के रूप में प्रयोग किया। हमले में सभी छह आतंकवादी मारे गये जिसमें से चार ने खुद को बम से उड़ा लिया। हाल के वर्षों के इस सबसे खूनी हमले की जिम्मेदारी तहरीक ए तालिबान पाकिस्तान ने ली। तालिबान के प्रवक्ता ने दावा किया कि उसके छह आत्मघाती हमलावरों ने सैन्य स्कूल पर हमला किया। उन्होंने कहा कि यह पेशावर के करीब उत्तरी वजीरिस्तान कबाइली क्षेत्र में आतंकवादियों के खिलाफ सेना के अभियान का बदला है। उधर, नवाज शरीफ ने कहा कि जर्ब-ए-अज्ब अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक मुल्क से आतंकवाद का पूरी तरह खात्मा नहीं हो जाता। हमने आतंकवाद की समस्या का मिलकर मुकाबला करने के लिए अफगानिस्तान से बात की है। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं आतंकवाद को परास्त करने से जुड़े सरकार के प्रयास को कमतर नहीं कर पाएंगी। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने कहा कि आतंकवाद को हराने के हमारे संकल्प को लेकर किसी तरह की कोई गलतफहमी नहीं होनी चाहिए। इस तरह की वारदात से हमारा संकल्प कमजोर नहीं होने वाला है। यह कायराना करतूत है। आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए मुल्क को एकजुट हो जाना चाहिए। लोगों में कोई मतभेद नहीं होना चाहिए। लोगों को अपनी एकजुटता को साबित करना चाहिए और इसको लेकर किसी तरह गलतफहमी नहीं होनी चाहिए। शरीफ ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई निर्णायक दौर में पहुंच चुकी है और अवाम को इन अभियानों की कामयाबी के लिए दुआ और सहयोग करना चाहिए।
Author: JAN TV Editorial Team
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