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विदेश मंत्री ने बताया कि उन्हें दोनों इतालवी मरीनों मासिमिलियानो लातोरे और सल्वातोरे गिरोने के मामले में परिणाम की उम्मीद है। जेन्टीलोनी की यह प्रतिक्रिया तब आई है जब भारत के उच्चतम न्यायालय ने एक मरीन गिरोने का क्रिसमस मनाने के लिए इटली जाने संबंधी आग्रह ठुकरा दिया। न्यायालय ने लातोरे की याचिका भी ठुकरा दी जिसमें उसने स्वास्थ्य संबंधी कारणों का हवाला देते हुए इटली में अपने प्रवास की अवधि बढ़ाने का अनुरोध किया था। इस साल के शुरू में दिल की समस्या होने के कारण लातोरे विमान से इटली गया था। जेन्टीलोनी ने कल रेडियो पर एक साक्षात्कार में कहा कि कि हम देखेंगे कि क्या लातोरे जनवरी के मध्य में भारत लौटने की स्थिति में है। इतालवी की एक समाचार एजेंसी ने जेन्टीलोनी को यह कहते हुए उद्धृत किया है कि मरीन का स्वास्थ्य पहली प्राथमिकता है। वर्ष 2012 में केरल में दो भारतीय मछुआरों को मार डालने के आरोपी दोनों इतालवी मरीनों का कहना है कि उन्होंने इतालवी तेल टैंकर की निगरानी करते समय, मछुआरों को भूलवश दस्यु समझ कर उन पर गोली चलाई थी। ये मरीन अपने मामले की सुनवाई का इंतजार करते हुए नयी दिल्ली स्थित इतालवी दूतावास में रह रहे थे और वे देश छोड़ कर नहीं जा सकते थे।
Author: JAN TV Editorial Team
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