उसे कल तक हरिपुर केंद्रीय कारागार में रखा गया था और बाद में हेलीकॉप्टर से पेशावर केंद्रीय कारागार ले जाया गया। प्रशासन ने आतंकी खतरे के मद्देनजर कारागार के चारों ओर पुलिस एवं सैन्यकर्मियों की तैनाती की थी।
बीते 16 दिसंबर को पेशावर के सैनिक स्कूल में तालिबान के जघन्य हमले के बाद सरकार ने आतंक के मामलों में दोषियों की मौत की सजा की तामील पर लगी रोक को हटाने का फैसला किया था। इस हमले में 150 लोग मारे गए थे जिनमें अधिकांश बच्चे शामिल थे।
Author: JAN TV Editorial Team
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