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पेशावर के एक स्कूल पर किए गए आतंकी हमले में 150 लोग मारे गए थे जिसमें से ज्यादातर बच्चे थे। इन सात लोगों में एक शफकत हुसैन है। वह 15 साल का था जब उसे साल 2004 में सात साल के एक बच्चे का अपहरण और हत्या के मामले में मौत की सजा सुनाई गई थी। दक्षिण सिंध प्रांत में कारा विभाग गृह सचिव नवाज शेख ने बताया, अदालतों ने सात दोषियों के खिलाफ मृत्यु वारंट जारी किया है। उन्होंने कहा, जातीय आधार पर सरकारी अधिकारियों की हत्या का दोषी ठहराये गए कैदियों शाहिद हनीफ और खलील अहमद, कराची में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास पर तैनात 22 पुलिसकर्मियों की हत्या के जुल्फिकार अली और एक युवा वकील की हत्या के दोषी बहराम खान को 13 जनवरी को फांसी दी जाएगी, जबकि एक बच्चे की हत्या के दोषी शफकत हुसैन को 14 जनवरी को फांसी दी जाएगी। उन्होंने बताया, दो अन्य ताल्हा और सईद को जातीय हत्याओं के लिए 15 जनवरी को फांसी दी जाएगी।
Author: JAN TV Editorial Team
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