रूस ने अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के राष्ट्र के नाम संबोधन की आलोचना की है। रूस ने कहा कि ओबामा के भाषण से ऐसा लगता है कि अमेरिका नंबर एक देश है और पूरी दुनिया पर वर्चस्व चाहता है। यूक्रेन में रूस के कदम का विरोध करते हुए ओबामा ने कहा था कि अमेरिका अपने इस सिद्धांत पर कायम है कि बड़े देश छोटे देशों को परेशान नहीं कर सकते। रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा, श्अमेरिकियों ने विरोध का रास्ता अपनाया हुआ है। वे अपने कदमों को नहीं देखते। ओबामा के भाषण से स्पष्ट है कि अमेरिका का एक ही सिद्धांत है कि वह नंबर एक है और हर किसी को यह मानना होगा।
Author: JAN TV Editorial Team
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