पिछले कुछ दिनों पहले रामपुर में वाल्मीकि समाज के दर्जनों मकानों को गिराये जाने की कोशिश को लेकर खूब हंगामा हुआ था...बवाल बढता देख वाल्मीकि समाज की बस्ती को उजाडने का फैसला तो टल गया लेकिन सूबे की राजधानी लखनऊ में सैकडों परिवारों को पल भर में ही घर से बेघर कर दिया गया..लखनऊ के ठाकुरगंज में रिंग रोड चैकी के पीछे फरीदीनगर में सैकडों की संख्या में लोग कई सालों से रह रहे है.. राज्य सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत लोगों से उनका आशियाना छीन लिया गया है। रामपुर की तरह यहां न तो कोई जनप्रतिनिधि पंहुचा और न ही इनका कोई रहनुमा..ये जरूर था कि जिसको विधानसभा चुनाव में जिताकर लोगों ने माननीय का दर्जा दिलाया वही इनके मकानों के उजाडने का सूत्रधार भी निकला...फिलहाल घरों से बेघर हुए लोगों का कहना है कि जान दे देंगे लेकिन उजड़ चुके घरों को भी किसी कीमत पर नहीं छोडेंगे।
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